Bangladesh Election 2026: बांग्लादेश में Election संपन्न हो गया है और वोटों की गिनती जारी है। इस बीच, बांग्लादेश की पूर्व PM Sheikh Hasina ने दावा किया कि बांग्लादेश की जनता ने चुनाव को अस्वीकार कर दिया है, तभी बड़ी संख्या में लोग वोट डालने के लिए नहीं निकले। उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि चुनाव में लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान की भावना और वोटर्स की वास्तविक भागीदारी को इग्नोर किया। इस चुनाव को रद्द किया जाना चाहिए।
इसके उलट, सरकार के मुख्य सलाहकार Muhammad Yunus ने इलेक्शन कमीशन, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, सशस्त्र बलों, प्रशासन, पर्यवेक्षक टीमों, मीडियाकर्मियों और मतदान प्रक्रिया में शामिल सभी अफसरों और कर्मचारियों को शुक्रिया कहा। इसके साथ ही, उन्होंने सभी सियासी दलों और उम्मीदवारों से अपील की कि चुनाव का परिणाम घोषित होने के बाद भी लोकतांत्रिक मर्यादा, सहिष्णुता और आपसी सम्मान बनाए रखें। आपके मतभेद होंगे, लेकिन आपको राष्ट्रीय हित में हमें एकजुट बने रहना होगा।
जान लें कि बांग्लादेश के आम चुनाव में 1,981 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे। वे 299 संसदीय सीटों पर अपनी-अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वैसे तो चुनाव में करीब 60 रजिस्टर्ड राजनीतिक दल भाग ले रहे हैं लेकिन मुख्य मुकाबला Jamaat-e-Islami और BNP के बीच माना जा रहा है। बांग्लादेश में चुनाव बैलट पेपर के जरिए हुए हैं।
बता दें कि बांग्लादेश की संसद में 350 सदस्य होते हैं। 300 सीधे चुने जाते हैं, जबकि 50 महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। यह फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट सिस्टम से होता है। यहां संसद का कार्यकाल 5 साल का होता है। चुनाव आयोग ने यहां 42,659 पोलिंग स्टेशन बनाए थे जहां 45 हजार ऑब्जर्वर भी नियुक्त किए गए था। ऑब्जर्वर मतगणना पर नजर रखेंगे। यह पहला चुनाव है जब पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लेने पर रोक लगी थी।
मतदान से लेकर मतगणना की प्रक्रिया सुचारू रुप से संपन्न हो इसके लिए 5 लाख चुनाव कर्मियों को ड्यूटी पर लगाया गया है। बांग्लादेश में चुनावी रुझान और नतीजों के बारे में ताजा अपडेट्स जानने के लिए इडिया टीवी की डिजिटल टीम के साथ जुड़े रहें।
बांग्लादेश में चुनाव के शुरूआती रुझानों में जमात औऱ BNP में कड़ी टककर नज़र आ रही हैं। BNP चेयरमैन तारिक़ रहमान अपनी सीट से आगे चल रहे हैं।
अवामी लीग ने बांग्लादेश में 1973, 1996, 2008, 2014, 2018 और 2024 में कुल 6 चुनावों में जीत हासिल की है। शेख मुजीबुर रहमान के नेतृत्व में पार्टी ने 1973 में 293 सीटें जीतकर पहला चुनाव जीता था।
बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव के लिए 50 राजनीतिक दलों के कुल 1,755 उम्मीदवार और 273 निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। बीएनपी ने सबसे अधिक 291 उम्मीदवार उतारे हैं। चुनाव में 83 महिला उम्मीदवार हैं।
जमात-ए-इस्लामी की लीडरशिप वाले 11 राजनीतिक पार्टियों के चुनावी गठबंधन ने 13वें संसदीय चुनाव की मतदान प्रक्रिया को बेहतरीन बताया। उन्होंने कहा कि कुछ छिटपुट हिंसा की घटनाओं और अनियमितताओं के आरोपों के बावजूद चुनावी प्रक्रिया अच्छे से संपन्न हो गई। इसके साथ ही, जमात-ए-इस्लामी ने चुनाव में भारी जीत हासिल करने और सबसे ज्यादा सीटें जीतने की आशा जताई है।
बांग्लादेश की राजधानी ढाका के Wills Little Flower School and College में बनाए गए पोलिंग सेंटर में वोटों की गिनती की जा रही है। यहां बैलेट पेपर की अलग-अलग गड्डियां बना ली गई हैं। महिला और पुरुष दोनों कर्मचारी मिलकर वोटों की काउंटिंग कर रही हैं। बांग्लादेश में वोटर्स को जल्द से जल्द परिणाम आने का इंतजार है।
Gono Odhikar Parishad के उम्मीदवार मोहम्मद-ए-जसीमुद्दीन ने भारी अनियमितताओं और धांधली का हवाला देते हुए कोमिला-4 (देबिदवार) निर्वाचन क्षेत्र में वोटिंग का बहिष्कार करने का ऐलान किया। जसीम उद्दीन ने मतदान खत्म होने के बाद शाम को करीब 5 बजे फेसबुक लाइव में यह कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पोलिंग एजेंट्स को कई मतदान केंद्रों में एंट्री करने से रोका गया और कई केंद्रों से तो जबरन बाहर निकाल दिया गया।
शेख हसीना ने आरोप लगाया कि 11 फरवरी की शाम से ही इस चुनाव की शुरुआत पोलिंग सेंटर्स पर कब्जा, गोलीबारी, धनबल के व्यापक इस्तेमाल और मतपत्रों पर जबरन मुहर लगाने जैसी घटनाओं के साथ हो गई थी। 12 फरवरी की सुबह से बांग्लादेश के ज्यादातर मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की मौजूदगी बेहद कम रही। ढाका और देश के कई हिस्सों में कई मतदान केंद्र पूरी तरह से खाली रहे।
शेख हसीना ने कहा कि मैं फासीवादी यूनुस की तरफ से अवैध और असंवैधानिक तरीके से सत्ता हथियाने के बाद कराए गए इस कथित चुनाव को रिजेक्ट करने के लिए माताओं, बहनों और अल्पसंख्यक समुदायों सहित सभी का धन्यवाद और आभार व्यक्त करती हूं। ये चुनाव जनता के मतदान के अधिकार, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना को इग्नोर करते हुए आवामी लीग को बाहर रखकर और वोटर्स की वास्तविक भागीदारी के बिना आयोजित किया गया।
बांग्लादेश के चुनाव पर रिएक्शन देते हुए शेख हसीना ने कहा कि आवामी लीग इस मतदाता-विहीन, अवैध और असंवैधानिक चुनाव को रद्द करने, यूनुस के इस्तीफे, झूठे मामलों की वापसी और सभी राजनीतिक बंदियों, शिक्षकों, पत्रकारों, बुद्धिजीवियों और पेशेवरों की रिहाई, अवामी लीग की गतिविधियों पर लगाए गए बैन को हटाने की मांग करती है। इसके साथ ही, एक निष्पक्ष कार्यवाहक सरकार के अधीन स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनाव के जरिए से जनता का वोटिंग अधिकार बहाल करने की डिमांड करते हैं।
BNP चीफ तारिक रहमान ने कहा कि उनकी पार्टी उन सारी पार्टियों के साथ मिलकर बांग्लादेश चलाना चाहती है जिन्होंने आंदोलन में उनका साथ दिया था। इस दौरान, उन्होंने चुनाव में अपनी पार्टी की ऐतिहासिक जीत का भरोसा जताया। यह पूछे जाने पर कि BNP के कितनी सीटें जीतने की उम्मीद है, तारिक ने जवाब दिया कि हमें पूरा भरोसा है कि हम इतनी सीटें जीते लेंगे जिससे हम देश को अच्छी तरह से चला पाएं।
कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने बांग्लादेश के मतदान केंद्रों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। सियासी दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों को आसपास के इलाकों से दूर हटा दिया गया। निर्धारित वक्त पर मतदान खत्म होने के तुरंत बाद, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात बलों के मेंबर्स ने पोलिंग बूथ के पास जमा हुए लोगों को तितर-बितर होने का निर्देश दिया।
मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस बोले कि हम सभी मिलकर एक जवाबदेह, समावेशी और न्यायपूर्ण राज्य के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने वाले हैं। बांग्लादेश का यह चुनाव हमारे लिए बहुत खुशी और उत्सव का पल है। इसके जरिए एक नए बांग्लादेश की अभूतपूर्व यात्रा का शुभारंभ हो गया है। यह चुनाव बांग्लादेश के इतिहास में सबसे शांतिपूर्ण और उत्सवपूर्ण रहा। अगर यह निरंतरता बनी रहती है, तो बांग्लादेश की डेमोक्रेसी उत्कृष्टता के शिखर पर पहुंचेगा।
बांग्लादेश की सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने कहा, 'मैं इलेक्शन कमीशन, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, सशस्त्र बलों, प्रशासन, पर्यवेक्षक टीमों, मीडिया कर्मियों और मतदान प्रक्रिया में शामिल सभी अफसरों और कर्मचारियों को स्पेशल थैंक्स कहता हूं। उनके समर्पण और कड़ी मेहनत की वजह से यह विशाल लोकतांत्रिक आयोजन कामयाबी से पूरा हो सका है। मैं सभी सियासी दलों और उम्मीदवारों से अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद भी लोकतांत्रिक मर्यादा, सहिष्णुता और आपसी सम्मान बनाए रखने की अपील करता हूं। मतभेद होंगे, लेकिन राष्ट्रीय हित में हमें एकजुट रहना होगा।
बांग्लादेश की सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने पूरे देश का आभार व्यक्त किया, क्योंकि 13वें आम चुनाव और जुलाई राष्ट्रीय चार्टर के कार्यान्वयन पर जनमत संग्रह संपन्न हो गया है। यह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित माहौल में हुआ। उन्होंने शाम को 4:30 बजे मतदान समाप्त होने के बाद एक बयान में कहा कि मतदाताओं की भागीदारी, सियासी दलों का जिम्मेदार आचरण, उम्मीदवारों की तरफ से दिखाया गया संयम और चुनावी प्रक्रिया में शामिल सभी संस्थानों की पेशवर रवैये ने सामूहिक रूप से यह दिखाया कि लोकतंत्र के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अटूट है।
BNP चीफ तारिक रहमान ने आज चुनाव का रिजल्ट जल्द घोषित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग प्रभावी कदम उठाए ताकि वोटर अपने डाले गए वोटों का रिजल्ट जल्द से जल्द जान सकें। उन्होंने वॉर्निंग दी कि परिणामों के जारी होने में किसी भी देरी से कन्फ्यूजन की स्थिति पैदा हो सकती है। अगर चुनाव में किसी भी प्रकार की धांधली या भ्रम पैदा हुआ तो परिणाम स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
National Citizens’ Party की चुनाव प्रबंधन समिति की सेक्रेटरी मोनिरा शर्मिन ने आम चुनाव में कई अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि चुनाव परिणाम में हेरफेर की कोई भी कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शर्मिन ने कहा कि दोपहर तक वोटिंग आम तौर पर सुचारू रूप से हो रही थी, लेकिन उसके बाद अनियमितताओं की शिकायतें आईं, जिनके खिलाफ अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।
बांग्लादेश में 13वें आम चुनाव से पहले किए एमिनेंस एसोसिएट्स फॉर सोशल डेवलपमेंट के ओपिनियन पोल में बीएनपी के नेतृत्व वाले गठबंधन को बड़ी बढ़त मिलते हुए दिखाया गया था। 41 हजार 500 उत्तरदाताओं से पूछकर किए गए इस सर्वे के अनुसार, बीएनपी वाला गठबंधन चुनाव में करीब 208 सीटें जीत सकता है। वहीं, जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले अलायंस को 46 सीटें मिलने का अनुमान है।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की नेशनल इलेक्शन स्टीयरिंग कमेटी के स्पोक्सपर्सन और पार्टी चेयरमैन के एडवाइजर महदी अमीन ने कहा है कि लंबे समय के बाद लोगों को अपने वोट के अधिकार का इस्तेमाल करने का मौका मिला है। उन्होंने आगे कहा कि अगर चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हुए तो BNP की जीत पक्की होगी। महदी अमीन ने ढाका के गुलशन में BNP के इलेक्शन स्टीयरिंग कमेटी ऑफिस में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मांग की कि चुनाव आयोग निष्पक्षता से नतीजों का ऐलान करे।
जमात-ए-इस्लामी के अमीर डॉक्टर शफीकुर रहमान ने गुरुवार को चुनावों के दौरान व्यवस्था बनाए रखने में सेना की भूमिका की तारीफ की है। ढाका में पार्टी के सेंट्रल इलेक्शन ऑफिस में एक ब्रीफिंग में बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि BNP समर्थकों ने अलग-अलग इलाकों में पोलिंग सेंटर पर कब्जा कर लिया था, लेकिन सेना ने तुरंत दखल दिया। उन्होंने कहा, 'कई जगहों पर, BNP समर्थकों ने सेंटर पर कब्जा करने की कोशिश की। हालांकि, सेना ने कुछ ही समय में उन सेंटर को छुड़ा लिया। पूरे देश में सेना की भूमिका तारीफ के काबिल है।'
यह आम चुनाव बांग्लादेश के भविष्य को तय करने वाला माना जा रहा है। पिछले कई महीनों की अस्थिरता के बाद लोग एक स्थिर और लोकतांत्रिक सरकार चाहते हैं। हालांकि चुनावों में मतदाताओं के बीच मायूसी दिखी है और 2 बजे तक वोटिंग टर्नआउट 50 फीसदी से भी कम रहा है। चुनावों के परिणाम आने के बाद नई सरकार का गठन होगा, जो देश को आगे ले जाने की जिम्मेदारी संभालेगी।
BNP चेयरपर्सन के सलाहकार और पार्टी की इलेक्शन मैनेजमेंट कमेटी के प्रवक्ता डॉक्टर महदी अमीन ने गुरुवार को आरोप लगाया कि एक विरोधी पार्टी 'BNP की जीत को महसूस करने के बाद' अस्थिर स्थिति बनाने की कोशिश कर रही है। गुलशन में BNP के इलेक्शन मैनेजमेंट ऑफिस में पत्रकारों को जानकारी देते हुए महदी ने किसी का नाम लिए बगैर यह बात कही। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में लोगों पर दबाव बनाने की कोशिशों की खबरें सामने आई हैं।
चुनाव अधिकारियों ने बताया कि ढाका-19 चुनाव क्षेत्र के अशुलिया में एक पोलिंग ऑफिसर को ड्यूटी से हटा दिया गया था, क्योंकि एक बुज़ुर्ग महिला 'गलती' की वजह से वोट नहीं डाल पाईं। बता दें कि बांग्लादेश के आम चुनावों में BNP और जमात ने एक-दूसरे पर वोटिंग में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं।
बांग्लादेश के आम चुनाव में मुख्य मुद्दे जो मतदाताओं के सामने हैं, उनमें भ्रष्टाचार, महंगाई, रोजगार के अवसर और लोकतंत्र की स्थिरता शामिल हैं। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि नई सरकार इन समस्याओं का समाधान करेगी और देश में शांति व विकास लाएगी। अंतरिम सरकार ने वादा किया है कि चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण होंगे। (रिपोर्ट: शोएब रजा)
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी कि BNP ने इन चुनावों में 291 उम्मीदवार उतारे हैं। यह पार्टी तारिक रहमान के नेतृत्व में मजबूत स्थिति में दिख रही है। वहीं, जमात-ए-इस्लामी ने 229 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं और यह 11 पार्टियों के गठबंधन का नेतृत्व कर रही है। जातीय पार्टी (एरशाद) के 198 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या 275 है। आवामी लीग को चुनावों से बैन कर दिया गया है, इसलिए वह चुनाव नहीं लड़ रही है। (रिपोर्ट: शोएब रजा)
ऐतिहासिक आम चुनाव के दौरान अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार डॉ. मुहम्मद यूनुस ने वोट डालने के बाद कहा, 'आज नए बांग्लादेश का जन्मदिन है।' वहीं, बीएनपी चेयरमैन तारिक रहमान ने वोट डालने के बाद जीत पर भरोसा जताया। जमात-ए-इस्लामी के अमीर शफीकुर रहमान ने कहा, 'अगर चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हुए तो हम परिणाम स्वीकार करेंगे।'
बांग्लादेश के संसदीय चुनावों में दोपहर 2 बजे तक सभी पोलिंग सेंटर्स पर कुल मिलाकर 47.91 प्रतिशत वोटिंग हुई है। बता दें कि बांग्लादेश की 300 में से 299 सीटों पर शाम 04:30 बजे तक वोटिंग हुई है और उसके ठीक बाद वोटों की गिनती शुरू हो गई है।
मौजूदा चुनाव मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के तहत हो रहा है, जो अगस्त 2024 से सत्ता संभाल रही है। कुल 300 सीटों के लिए 1,981 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 78 महिला उम्मीदवार शामिल हैं। मतदाताओं की कुल संख्या 12 करोड़ 77 लाख से ज्यादा है, जिनमें महिला मतदाता लगभग 6 करोड़ 28 लाख हैं। (रिपोर्ट: शोएब रजा)
बांग्लादेश में वोटिंग के खात्मे के बाद अब मतगणना शुरू हो चुकी है। इन चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और जमात-ए-इस्लामी के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है। बता दें कि शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को इन चुनावों में बैन किया गया है। माना जा रहा है कि ये चुनाव काफी हद तक आने वाले कई सालों के लिए देश का मुस्तकबिल तय करने जा रहे हैं।
बांग्लादेश में आज आम चुनाव हो रहे हैं और थोड़ी ही देर में वोटों की गिनती शुरू होने वाली है। यह देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि यह 2024 में छात्रों के आंदोलन से शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद पहला आम चुनाव है। पिछले तीन दशकों में पहली बार ऐसा हो रहा है जब सत्ता की 2 सबसे ताकतवर महिलाएं शेख हसीना और खालिदा जिया चुनाव मैदान में नहीं हैं। खालिदा जिया का निधन हो चुका है, जबकि शेख हसीना भारत में शरण लिए हुए हैं।
बांग्लादेश में मतदान की प्रक्रिया पूर्ण होने की कगार पर है और इसके खत्म होते ही काउंटिंग शुरू हो जाएगी। भारतीय समयानुसार शाम 4 बजे से पड़ोसी देश में मतगणना शुरू हो जाएगी। इस चुनाव में मतदान बैलट पेपर के माध्यम से कराया गया है। चुनावों में मुख्य मुकाबला जमात-ए-इस्लामी और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के बीच माना जा रहा है।
संपादक की पसंद